आसाँ नही प्रेम है न । हर पल की बेचैनी । ना जाने कैसे होते होंगे आपके प्रेमी मोहन । हँसना कब रोना कब हाय सब सिस्टम ही गडबड हो जाता है । क्या वो संग है ? क्या वो नाराज है ? आवाज क्यों न...
श्रित कमला कूचमण्डल ऐ । श्री किशोरी जी - कमले - आपकी आश्रय स्वरूपिणी श्री जी का कूच मण्डल आपका आश्रय है । श्यामसुन्दर के क्रीडाविलास की सिद्धि , उनकी प्रियसी वशता को कहता जयद...
श्रित कमला कूचमण्डल ऐ । श्री किशोरी जी - कमले - आपकी आश्रय स्वरूपिणी श्री जी का कूच मण्डल आपका आश्रय है । श्यामसुन्दर के क्रीडाविलास की सिद्धि , उनकी प्रियसी वशता को कहता जयद...
आसाँ नही प्रेम है न । हर पल की बेचैनी । ना जाने कैसे होते होंगे आपके प्रेमी मोहन । हँसना कब रोना कब हाय सब सिस्टम ही गडबड हो जाता है । क्या वो संग है ? क्या वो नाराज है ? आवाज क्यों न...
सत्यजीत तृषित: करुणा और प्रेम जीवन में उतर जाये ... परिधियाँ मिट जायें ... सर्वत्र युगल दर्शन हो ! निजता न रहे ! बोध केवल युगल का हो ! देखना उन्हें हो ! सुनना उन्हें हो ! छुना उन्हें हो ... ...