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कैसे चाहा जायें - शायरी

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कैसे चाहा जाये ...

आप ही कह दो आप को कैसे चाहा जाये देखा जाये सुना जाये कि कहा जाये ज़र्रा-ज़र्रा चुर है आतिशेईश्क़ में उसकी खुबसुरती में ज़र्रा हुआ जाये छुने की हर गुस्ताखी पानी हुई चलो इस बा...

तेरे आशिक़

सारी फ़िजा तेरी आशिक़ी में चुर हो जाये ... मैं रहू या ना रहूं हर द़िल तुझमें मदहोश हो जाये ... अब मेरा जहाँ तेरे आशिकों से सराबोर होने को है ... अब मेरी फितरत कहीं गुम हो फना होने को है ...

शिथिल किञ्चित्

शिथिल किञ्चित् भीतर स्पंदन मुग्ध अधरा व्याकुल अवचेतन क्षुब्ध धरा पर नव नित्य चिंतन गहर गर्भन्तर निरन्तर मनन विशुब्ध विशुद्ध स्मरब्ध दर्शन बिन्द-अरविन्द-हरेन्द पद-अव...

पार्षद

प्रश्न आया गरुड जैसा पक्षी किसीने देखा है ? क्या आपने मन को देखा है | मन ही गरुड है | मन को नियन्त्रित कर विराजने वाले नारायण आत्मा रुपी परमात्मा है | आत्मा और मन अर्थात् गरुड-ना...
[12:09pm, 16/03/2015] Satyajeet Bhawan: बनवारी - वनमाली [12:18pm, 16/03/2015] Satyajeet Bhawan: Meaning of बनवारी (Banavari) in English. Dweller of the forest [12:20pm, 16/03/2015] Satyajeet Bhawan: संसार रुपी माया मय जंगल के माली जिसे सार रुपी पुष्पों से चाह है . पर वें फिर भी कंटिली झाड को भी नि:स्वार्थ सींच रहा हो

Radha Charan

श्री राधा रानी चरणारविन्द राधा रानी जी का दायाँचरण राधारानी जी के दायाँचरण “आठ मंगल चिन्हों” से अलंकृत है, ‘शंख’, ‘गिरी’, ‘रथ’, ‘मीन’, ‘शक्ति-अस्त्र’, ‘गदा’, ‘यज्ञकुण्ड’, ...