किसी का कहा सच भले ना हो आपने जो जी लिया वो तो सच है ही | अनुभुत् करियें ... जन्म से कोई ऐसा साथ जो सदा रहा हो ... जन्म से पहले भी रहा हो मृत्यु के बाद भी रहेगा | हम आये जब यहाँ कैसे थे ... क्य...
सखी री काजल कटौरी लाओ देखो प्रियाजु संज रही है कोई नजर ना लगे प्रियाजु भर रही है सखी री दृग मोरे पलकन में छिप गये रे तू ही बता क्या सिंदुर कान्हा भर गये रे मोरी दृष्टि पडे दोऊ ...
कुछ खोया हुआ फिर मिला आज ना जाने क्यु ... अब निगाहें उस अजीब चीज को खोजती है जो तेरी छब में डुब कर सही सलामत है *** तेरे दर पर क्या आऊं लौटता हूं तो कहते है मेहखाने से लौटे हो *** क़सम से ...
[11:18pm, 05/07/2015] Rakesh Bhatt Pryag Fb: ॥जय गौर हरि ॥ मीरा चरित (33) क्रमशः से आगे.................. अक्षय तृतीया का प्रभात ।प्रातःकाल मीरा पलंग से सोकर उठी तो दासियाँ चकित रह गई ।उन्होंने दौड़ कर माँ वीरकुवंरी जी और पित...