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हाय री सखी !!!

हाय री सखी री बैरी भयो मोको तन जप-तप होवे नाहि नेम कछु करे नाहि का बताऊं कहाँ गयो बैरी मन पिया जावे न जिया सु आवे ना निंदिया तब मोसे बैरी होवे यो अधम मुरख तनवा गोमुखी यासु ना पक...

हे खग

हे खग ! कालिख ना खा कंकर ना चबा कांटों पर ना बैठ विष्टा स्वाद ना कर ख़्याल रख अपने सौन्दर्य का तेरा कुछ अब रहा नहीं हर प्रयास अब चोरी होगा उस तक रस पहुंचा है उसे देना है तो आनन्...

रसिली राधा ... पद

रसिली प्रियाजु पद निरख नैन सु सरस माधुरी मधुरा सुरस पुलक सु कुन्दारदनी हरि हिय वसनी प्रेम तरंगी स्वरश्रृंगारनी श्यामाधरधारिणी नवरंगी अति अलबेलिनी अतिसुकुमारी प्राण...

सद्गुणों की खान हनुमान जी

सदगुणों की खानः श्री हनुमानजी एक दिन भगवान श्री रामचन्द्रजी और भगवती सीताजी झूले पर विराजमान थे। हनुमानजी आये और झूला झुलाने लगे। सीताजी ने कहा : "हनुमान ! पानी...." रामजी ने कह...

सच कहू सखी

सच कहूं सखी उनसे नैन ना मिलाना चाहे मर जाना नैन ना मिलाना... नैन मिला कर पल पल मरोगी कह ना उनसे अब ही मरुगीं मोह ली जाओगी सामने ना जाना चित् ना लगाना देख ना शर्माना नैन जो मिलें...

पिया को बुलाओ ... प्रेम कविता

सखी प्राण निकलते है पिया को बुला लाओ पिया बिन मरना ना चाहूं पिया अंग में ही नैन गिराऊं पिया को बुलाओ मोरे प्राणो को बुलाओ री और ना सताओ अब अधरन सुखते है आँखें ना मुंदुंगी जा...

प्यास

प्सासी मैं जन्मन की प्यास मेरो धरम है प्यासी मैं पिया की पिया मेरो धन है प्यासी मैं पिया नैनन की प्यासो मेरो मन है प्यास प्यास रहेगी आस हिय पास रहेगी सब बिन जियुं पिया प्या...