लगन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 23, 2015 लगन को नाम न लीजै ! लगन को मारग अति कठिन है पांव धरे तन छीजै ! जो तुम लगन लगायो ही चाहौ स्वाँस की आस न कीजै ! कुम्भनदास गिरिधर को वारि फेरि तन दीजै ! पद का मनन करें ! रसिक संत ने गहरी बात की है !! Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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