अंक भर लीनी लाड़ली , तृषित

अंक भर लीनी लाड़ली ।

लाल पिय देखत तरसे ।

निहारत नयन झरणन बरसे ।

श्यामे ध्वनि संग कम्पित लाल गिरे ।

प्रिया सम्भाले नागर अंग भर लीने ।

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