अंक भर लीनी लाड़ली , तृषित Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 08, 2016 अंक भर लीनी लाड़ली । लाल पिय देखत तरसे । निहारत नयन झरणन बरसे । श्यामे ध्वनि संग कम्पित लाल गिरे । प्रिया सम्भाले नागर अंग भर लीने । Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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